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संकà¥à¤šà¤¨ कैसे महसूस होते हैं, इसे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके दरà¥à¤¦ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ अलग-अलग होती है। साथ ही हर महिला का पà¥à¤°à¤¸à¤µ और शिशॠके जनà¥à¤® का अनà¥à¤à¤µ अलग होता है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ इन संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ को à¤à¤¸à¤¾ बताती हैं जैसे कि माहवारी के समय होने वाले मरोड़, दबाव, कसाव, दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥‡ सà¥à¤ªà¤‚दन, गैस का दरà¥à¤¦, और पीठदरà¥à¤¦ जो धीरे-धीरे पेट की तरफ à¤à¥€ होने लगे। मगर अधिकांश महिलाà¤à¤‚ यह मानती हैं कि ये संकà¥à¤šà¤¨ लहर की तरह आते हैं और अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• तीवà¥à¤°, पà¥à¤°à¤¬à¤² और बहà¥à¤¤ थका देने वाले हो सकते हैं।
आपको संकà¥à¤šà¤¨ कैसे महसूस होंगे, यह बहà¥à¤¤ सी चीजों पर निरà¥à¤à¤° करता है, जैसे कि:
आपके शिशॠकी अवसà¥à¤¥à¤¾
आपका पà¥à¤°à¤¸à¤µ कितना तेज या पà¥à¤°à¤¬à¤² है
शिशॠको जनà¥à¤® देने की तैयारी में आप शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• तौर पर कैसा महसूस कर रही हैं
आप में दरà¥à¤¦ को सहने की कितनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है।
आप किस तरह के माहौल में शिशॠको जनà¥à¤® दे रही हैं और डिलीवरी के समय आपके पास अचà¥à¤›à¤¾ सहयोग है या नहीं, इस बात का à¤à¥€ बहà¥à¤¤ असर पड़ता है।
कà¥à¤› महिलाओं का मानना है कि संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ से काफी अलग होता है। चोट लगने के समय जो दरà¥à¤¦ होता है, वह यह बताता है कि शरीर में कहीं कà¥à¤› गड़बड़ है। वहीं, संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का दरà¥à¤¦ आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर सही चीज कर रहा है।
आपका ​शरीर à¤à¤‚डोरà¥à¤«à¤¿à¤¨ जारी करके सà¥à¤µà¤¤: आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ का सामना करने में मदद करता है, जिससे आपकी दरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ धारणा बदल सकती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
जब आपको संकà¥à¤šà¤¨ होता है तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की मजबूत मांसपेशीय दीवार कसती है, और फिर ढीली होती है।
अगर, आप संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान अपने पेट पर हाथ रखेंगी, तो पाà¤à¤‚गी कि मांसपेशियों के कसने के समय आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ काफी ठोस हो जाता है। आपको हरेक संकà¥à¤šà¤¨ शायद à¤à¤• लहर की तरह महसूस होगा, जो कि खतà¥à¤® होने से पहले पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ के शीरà¥à¤· पर पहà¥à¤‚च र​​हा है।
जैसे-जैसे आपके संकà¥à¤šà¤¨ की अवधि बढ़ती है, पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ का चरम à¤à¥€ लंबा होता जाता है। आपको तेज मरोड़ या पीड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर सहनी होगी, और फिर ये पà¥à¤°à¤¬à¤²à¤¤à¤¾ कम होनी शà¥à¤°à¥ हो जाती है।
हरेक संकà¥à¤šà¤¨ के साथ आपका शिशॠशà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में और नीचे की तरफ खिसकता जाता है। आपको हर संकà¥à¤šà¤¨ के साथ शायद महसूस होगा कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका खà¥à¤² रही है और शिशॠके लिठजगह बना रही है। अंततः शिशॠका सिर गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ से बाहर आना शà¥à¤°à¥ हो जाता है।
संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ का काम इस बात पर निरà¥à¤à¤° करेगा कि आप पà¥à¤°à¤¸à¤µ के किस चरण पर पहà¥à¤‚ची हैंः :
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले चरण में, आपके संकà¥à¤šà¤¨ धीरे-धीरे गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को खोलते हैं, 0 से 10 सेंमी. तक चैड़ी। हर संकà¥à¤šà¤¨ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को थोड़ा खोलता है। गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ थोड़ी खà¥à¤²à¤¤à¥€ है, फिर पहले वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में चली जाती है और फिर अगले संकà¥à¤šà¤¨ के साथ थोड़ी और खà¥à¤²à¤¤à¥€ है। जब गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह विसà¥à¤«à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ हो जाती है तो जोर लगाने वाला चरण शà¥à¤°à¥ होता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दूसरे चरण में ये आपके शिशॠके लिठयोनि (पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका) में नीचे की तरफ आना और बाहर निकलना आसान बनाते हैं।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीसरे चरण में ये अपरा (पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा) को हटाते हैं और रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाओं को बंद कर देते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¥€ सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ होने लगता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ होने पर कैसा अहसास होता है?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकà¥à¤šà¤¨ पीरियड के दरà¥à¤¦ जैसे महसूस हो सकते हैं। हो सकता है आपको मरोड़ या पीठदरà¥à¤¦ या फिर दोनों ही महसूस हों। या फिर यह à¤à¥€ संà¤à¤µ है कि आपको केवल पेट में नीचे की तरफ ही दरà¥à¤¦ या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस हो। आपको मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— की इचà¥à¤›à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। संà¤à¤µ है कि आप असहजता महसूस करें, और à¤à¤¸à¤¾ होने की वजह न समठपाà¤à¤‚।
आपको पूरे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है या फिर संà¤à¤µ है कि यह केवल à¤à¤• या दो कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में ही हो। आपको पीठ, योनि व à¤à¤—ोषà¥à¤ या फिर पेट में नीचे की तरफ दरà¥à¤¦ या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ लग सकता है।
आपको अतिरिकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ जैसे योनिसà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ या रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, पानी की थैली फटना, मिचली और उलà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ महसूस हो सकते हैं।
कई बार पà¥à¤°à¤¸à¤µ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ और अनियमित बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ (नकली पà¥à¤°à¤¸à¤µ संकà¥à¤šà¤¨) में अंतर कर पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• संकà¥à¤šà¤¨ समय के साथ-साथ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ होते जाते हैं और ये बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक नियमित और पà¥à¤°à¤¬à¤² होते हैं।
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ अकà¥à¤¸à¤° अवसà¥à¤¥à¤¾ बदलने पर ठीक हो जाते हैं। इसलिठअगर आप बैठी हैं तो खड़ी होकर चलने-फिरने लगें और खड़ी हों तो बैठजाà¤à¤‚ और देखें कि इससे कà¥à¤¯à¤¾ असर पड़ा।
अगर आप निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ नहीं हों कि आपको हो रहे संकà¥à¤šà¤¨ वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• हैं या बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ तो अपनी डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से बात करने में न हिचकिचाà¤à¤‚।
अगर आपको 37 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले नियमित संकà¥à¤šà¤¨ होने लगें जो कि गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ को खोलना शà¥à¤°à¥ कर दें तो आपका समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो सकता है।
à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपको पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° लेबर शà¥à¤°à¥ होने के लकà¥à¤·à¤£ महसूस हों तो तà¥à¤°à¤‚त डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ, मरोड़, संकà¥à¤šà¤¨ और पानी की थैली फटना। आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करके आप पर निगरानी रखी जा सकती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के पहले चरण में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤šà¤¨ कैसे महसूस होते हैं?
गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ विसà¥à¤«à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होने के साथ-साथ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही कई महिलाओं को नियमित और दरà¥à¤¦à¤à¤°à¥‡ संकà¥à¤šà¤¨ महसूस होते हैं। वहीं, कà¥à¤› महिलाओं को पता à¤à¥€ नहीं चलता कि उनका पà¥à¤°à¤¸à¤µ शà¥à¤°à¥ हो चà¥à¤•ा है। कà¥à¤› को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• तेज पीठदरà¥à¤¦ होता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ आराम नहीं मिल पाता।
जैसे-जैसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ आगे बà¥à¤¤à¤¾ है और आप सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ में होती हैं तो संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¥€ और मजबूत व जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ होते जाते हैं। आपको à¤à¤• के बाद à¤à¤• संकà¥à¤šà¤¨ महसूस हो सकते हैं, इससे आपको बीच में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम नहीं मिल पाता।
आप पाà¤à¤‚गी कि संकà¥à¤šà¤¨ अब दोगà¥à¤¨à¥‡ तेज व पà¥à¤°à¤¬à¤² हो गठहैं। जब à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो मांसपेशियों का कसना à¤à¤•दम चरम पर होता है, और फिर धीरे-धीरे खतà¥à¤® हो जाता है। लेकिन, पूरी तरह खतà¥à¤® होने से पहले दरà¥à¤¦ दोबारा शà¥à¤°à¥ होता है।
आपको शायद à¤à¤¸à¥‡ दोगà¥à¤¨à¥‡ तेज संकà¥à¤šà¤¨ तब महसूस होंगे जब आप उस चरणॠपर पहà¥à¤‚च जाà¤à¤‚ जब गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पूरी तरह खà¥à¤² जाती है। इसे परिवरà¥à¤¤à¥€ चरण (टà¥à¤°à¤¾à¤‚ज़िंशनल फेज) कहा जाता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पà¥à¤°à¤¸à¤µ का पहला चरण समापà¥à¤¤ होता है, और दूसरे चरण की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दूसरे चरण में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤šà¤¨ कैसे महसूस हाते हैं?
दूसरे चरण के दौरान आपके शिशॠका जनà¥à¤® होगा, आमतौर पर संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ और आपके जोर लगाने की वजह से। इससे शिशॠयोनि में नीचे की तरफ और फिर बाहर इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में आता है।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दूसरे चरण के संकà¥à¤šà¤¨ कà¥à¤› अलग तरह के महसूस होते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ अलग होता है।
जैसे-जैसे आपका शिशॠनीचे आता है आपको और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¬à¤² संकà¥à¤šà¤¨ महसूस होने लगेंगे, साथ ही आपको जोर लगाने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾ होगी। हालांकि, अगर आपको जोर लगाने की इचà¥à¤›à¤¾ न हो, तो à¤à¥€ चिंता न करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बता सकती हैं कि आपको कब जोर लगाना है और कितनी देर तक।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीसरे चरण में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤šà¤¨ कैसे महसूस होते है?
आपके शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपके पास आराम करने और अपने शिशॠसे मिलने के शायद कà¥à¤› मिनट होंगे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके बाद संकà¥à¤šà¤¨ फिर से शà¥à¤°à¥ होने लगेंगे।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के तीसरे चरण में संकà¥à¤šà¤¨ अपरा को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से अलग करते हैं, ताकि इसे बाहर निकाला जा सके। ये संकà¥à¤šà¤¨ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम मजबूत होंगे। मगर, आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महसूस कर पाà¤à¤‚गी। अपरा की डिलीवरी से पहले आपको शायद कà¥à¤› ही संकà¥à¤šà¤¨ महसूस होंगे।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ के दरà¥à¤¦ का सामना मैं किस तरह करूं?
यदि आप संकà¥à¤šà¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में चिंतित हो रही हैं और सोच रही हैं कि उनका सामना आप कैसे करेंगी तो नीचे बताई गई कà¥à¤› बातों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देंः
हमेशा याद रखें कि वहां डॉकà¥à¤Ÿà¤° आप की मदद के लिठहोंगी। वे आपकी दरà¥à¤¦ का सामना करने में मदद करेंगी और जरà¥à¤°à¥€ दरà¥à¤¦ निवारक à¤à¥€ देंगी।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आरामदायक अवसà¥à¤¥à¤¾ ढूंà¥à¥‡à¥¤ डाॅकà¥à¤Ÿà¤° आपको बता सकती हैं कि कौन सी अवसà¥à¤¥à¤¾à¤à¤‚ सही रहेंगी।
धीरे-धीरे लयबदà¥à¤§ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और रिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीकों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें ।
यदि आपके असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय अपने साथ किसी को (बरà¥à¤¥ पारà¥à¤Ÿà¤¨à¤°) ले जाने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ है, तो उनसे आपको अतिरिकà¥à¤¤ सहयोग मिलेगा और वे आपका ढांढ़स बंधाà¤à¤‚गे।
हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी से नहाà¤à¤‚ या संà¤à¤µ हो तो किसी से मालिश करवा लें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से राहत के इन 10 पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपायों को आजमाकर देखें।
यह जानने से मदद मिलती है कि जब संकà¥à¤šà¤¨ हो रहे होते हैं और नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के दौरान आपका शरीर शिशॠको जनà¥à¤® दिलाने का कितना बेहतरीन काम कर रहा होता है। इसके लिठआप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कोई à¤à¤‚टेनेटल कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में शामिल हो सकती हैं।
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद संकà¥à¤šà¤¨ की वो à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ यादें शायद शिशॠको पहली बार गोद में लेने के साथ ही दूर हो जाà¤à¤‚गी। यह अनà¥à¤à¤µ शायद आपको शकà¥à¤¤à¤¿ और सफलता की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ महसूस कराà¤à¤—ा और साथ ही माठबनने की अपार खà¥à¤¶à¥€ à¤à¥€ होगी।
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